Kunjal Ayurvedic Hospital - Ayurvedic Clinic in Jawahar Nagar, Panipat, Sikanderpur
कुंजल आयुर्वेदिक अस्पताल में प्राचीन आयुर्वेद पद्धति द्वारा रोगों का सटीक निदान एवं प्रभावी उपचार किया जाता है। अनुभवी आयुर्वेदाचार्य द्वारा नाड़ी परीक्षण (Nadi Parikshan) के माध्यम से वात, पित्त और कफ दोषों का सूक्ष्म आकलन कर रोग की जड़ तक पहुँचकर उपचार किया जाता है। यहाँ माइग्रेन, लकवा (पैरालिसिस), जोड़ों का दर्द, किडनी व लिवर संबंधी रोग, पाचन...
Ayurvedic Clinic Services by Kunjal Ayurvedic Hospital
01.
marm chikitsha
मर्म चिकित्सा में शरीर के विशेष ऊर्जा बिंदुओं पर नियंत्रित तकनीक से कार्य किया जाता है। यह नसों, मांसपेशियों और जोड़ों में रक्त संचार सुधारकर दर्द, जकड़न और कमजोरी में राहत प्रदान करती है। माइग्रेन, लकवा, सर्वाइकल और कमर दर्द में विशेष लाभकारी।
Enquire02.
Naadi Parikshan
नाड़ी परीक्षण आयुर्वेद की प्राचीन निदान पद्धति है, जिसमें रोगी की नाड़ी देखकर वात, पित्त और कफ दोषों का संतुलन समझा जाता है। इससे रोग की जड़ तक पहुँचकर व्यक्तिगत उपचार योजना बनाई जाती है। यह सुरक्षित, सटीक और समग्र स्वास्थ्य आकलन की प्रभावी विधि है।
Enquire03.
Ayurvedic Fresh Kaadha
ताज़ा आयुर्वेदिक काढ़ा शरीर को अंदर से शुद्ध (डिटॉक्स) करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और मौसमी संक्रमण से बचाव के लिए अत्यंत लाभकारी प्राकृतिक पेय है। पारंपरिक आयुर्वेदिक सिद्धांतों के अनुसार तैयार किया गया यह काढ़ा विभिन्न जड़ी-बूटियों जैसे तुलसी, अदरक, काली मिर्च, दालचीनी और अन्य औषधीय तत्वों क
Enquire04.
Kshar Sutra for Piles
क्षार सूत्र उपचार का प्रमुख लाभ यह है कि इसमें बड़ी सर्जरी, अधिक रक्तस्राव या लंबे अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता नहीं होती। यह अपेक्षाकृत सुरक्षित, कम दर्दयुक्त और पुनरावृत्ति (दोबारा होने) की संभावना कम करने वाला उपचार माना जाता है। यह पद्धति विशेष रूप से जटिल भगंदर (फिस्टुला) के मामलों में प्रभावी
Enquire05.
Ayurvedic Bhasam
आयुर्वेद में भस्म अत्यंत सूक्ष्म, प्रभावशाली और परिष्कृत औषधि मानी जाती है। भस्म धातुओं, खनिजों या विशेष प्राकृतिक द्रव्यों को शोधन (शुद्धिकरण) और मारण (विशेष अग्नि संस्कार) प्रक्रिया द्वारा तैयार की जाती है। इन जटिल आयुर्वेदिक प्रक्रियाओं के बाद भस्म अत्यंत सूक्ष्म कणों में परिवर्तित हो जाती है, जि
Enquire06.
Panchkarma
पंचकर्म आयुर्वेद की एक प्राचीन और वैज्ञानिक शोधन (डिटॉक्स) चिकित्सा पद्धति है, जिसका उद्देश्य शरीर में संचित विषाक्त पदार्थों (टॉक्सिन्स) को बाहर निकालकर वात, पित्त और कफ दोषों का संतुलन स्थापित करना है। “पंच” का अर्थ है पाँच और “कर्म” का अर्थ है प्रक्रियाएँ। पंचकर्म में पाँच मुख्य उपचार सम्मिलित हो
Enquire07.
Migraine treatment
माइग्रेन (आधा सिर दर्द) एक जटिल समस्या है, जिसमें तेज धड़कन वाला सिरदर्द, उल्टी, मतली, रोशनी या आवाज़ से संवेदनशीलता जैसी परेशानियाँ होती हैं। आयुर्वेद के अनुसार माइग्रेन का मुख्य कारण वात-पित्त दोष का असंतुलन, पाचन विकार, तनाव और शरीर में संचित विषाक्त पदार्थ हो सकते हैं। आयुर्वेदिक उपचार में सबसे
Enquire08.
Paralysis treatment
लकवा (पैरालिसिस) एक गंभीर अवस्था है, जिसमें शरीर के किसी एक भाग या पूरे हिस्से की मांसपेशियाँ कमजोर या निष्क्रिय हो जाती हैं। आयुर्वेद में इसे मुख्यतः वात विकार माना गया है, जहाँ शरीर की प्राण ऊर्जा और तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) का संतुलन बिगड़ जाता है। समय पर उचित देखभाल और समग्र उपचार से रोगी क
Enquire09.
जोड़ों का दर्द व गठिया उपचार
जोड़ों का दर्द और गठिया (आर्थराइटिस) मुख्यतः वात दोष के असंतुलन के कारण उत्पन्न होता है। आयुर्वेदिक उपचार में सूजन कम करने, जकड़न दूर करने और जोड़ों की लुब्रिकेशन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाता है। औषधीय जड़ी-बूटियाँ, अभ्यंग (तेल मालिश), स्वेदन (स्टीम) और आवश्यकतानुसार मर्म चिकित्सा से दर्द में राह
Enquire10.
स्लिप डिस्क व कमर दर्द इलाज
स्लिप डिस्क और पुराना कमर दर्द नसों पर दबाव और मांसपेशियों की कमजोरी के कारण होता है। आयुर्वेद में वात संतुलन, सूजन कम करने और नसों को पोषण देने पर जोर दिया जाता है। विशेष आयुर्वेदिक औषधियाँ, कटि बस्ती, अभ्यंग, स्वेदन तथा मर्म चिकित्सा के माध्यम से दर्द, जकड़न और झनझनाहट में राहत मिलती है। नियमित उप
Enquire11.
किडनी रोग आयुर्वेदिक उपचार
किडनी संबंधी समस्याएँ शरीर में विषाक्त पदार्थों के संचय और दोष असंतुलन से जुड़ी हो सकती हैं। आयुर्वेदिक उपचार में डिटॉक्स, मूत्र प्रणाली को संतुलित करना और शरीर की प्राकृतिक शुद्धि प्रक्रिया को सक्रिय करना शामिल है। जड़ी-बूटी आधारित औषधियाँ किडनी की कार्यक्षमता को सहयोग देती हैं। उपचार हमेशा योग्य च
Enquire12.
लिवर रोग उपचार
लिवर शरीर का प्रमुख डिटॉक्स अंग है। फैटी लिवर, पीलिया या पाचन कमजोरी जैसी समस्याओं में आयुर्वेद पित्त संतुलन और रक्त शुद्धि पर कार्य करता है। विशेष हर्बल औषधियाँ, आहार सुधार और जीवनशैली मार्गदर्शन से लिवर की कार्यक्षमता बेहतर बनाने का प्रयास किया जाता है।
Enquire13.
गैस, एसिडिटी व पाचन समस्या उपचार
अपच, गैस, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याएँ पाचन अग्नि की कमजोरी से जुड़ी होती हैं। आयुर्वेद में अग्नि को संतुलित कर पाचन शक्ति मजबूत की जाती है। प्राकृतिक औषधियाँ, आहार परामर्श और दिनचर्या सुधार से स्थायी राहत प्राप्त की जा सकती है।
Enquire14.
त्वचा रोग उपचार
त्वचा रोग जैसे एक्जिमा, सोरायसिस, एलर्जी या दाद-खुजली रक्त अशुद्धि और पित्त असंतुलन से जुड़े हो सकते हैं। आयुर्वेदिक उपचार में रक्त शुद्धि, डिटॉक्स और प्रतिरक्षा शक्ति बढ़ाने पर ध्यान दिया जाता है। हर्बल औषधियाँ और आवश्यकतानुसार पंचकर्म से त्वचा को अंदर से स्वस्थ बनाने का प्रयास किया जाता है।
Enquire15.
दमा व श्वास रोग उपचार
दमा, एलर्जी और श्वास संबंधी रोग कफ और वात दोष असंतुलन से उत्पन्न होते हैं। आयुर्वेदिक उपचार में श्वसन तंत्र को मजबूत करना, कफ निकालना और प्रतिरक्षा शक्ति बढ़ाना शामिल है। हर्बल औषधियाँ, नस्य कर्म और भाप चिकित्सा से सांस लेने में सुधार एवं बार-बार होने वाली समस्या को कम करने का प्रयास किया जाता है।
Enquire16.
सर्वरोगहरण काढ़ा (डिटॉक्स सपोर्ट)
विशेष जड़ी-बूटियों से तैयार ताज़ा काढ़ा शरीर को डिटॉक्स करने, इम्युनिटी बढ़ाने और पाचन सुधारने में मदद करता है। मौसमी संक्रमण से बचाव के लिए लाभकारी।
Enquire17.
स्त्री रोग आयुर्वेदिक उपचार
मासिक धर्म अनियमितता, श्वेत प्रदर, हार्मोन असंतुलन और रजोनिवृत्ति समस्याओं में आयुर्वेदिक औषधि एवं जीवनशैली परामर्श द्वारा प्राकृतिक संतुलन स्थापित किया जाता है।
Enquire18.
पुरुष रोग एवं कमजोरी उपचार
शारीरिक कमजोरी, तनाव, थकान और ऊर्जा की कमी में आयुर्वेदिक टॉनिक, रसायन चिकित्सा और आहार मार्गदर्शन से समग्र स्वास्थ्य सुधार का प्रयास।
Enquire19.
बाल रोग आयुर्वेदिक परामर्श
बच्चों की इम्युनिटी, पाचन समस्या, सर्दी-जुकाम और सामान्य कमजोरी के लिए सौम्य एवं सुरक्षित आयुर्वेदिक उपचार उपलब्ध।
Enquire20.
वजन नियंत्रण (मोटापा व कमजोरी)
आहार, औषधि और पंचकर्म आधारित कार्यक्रम द्वारा स्वस्थ तरीके से वजन संतुलित करने की योजना बनाई जाती है।
Enquire21.
सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस एवं गर्दन दर्द उपचार
गर्दन में जकड़न, हाथों में झनझनाहट और कंधों में दर्द सर्वाइकल समस्या के लक्षण हो सकते हैं। आयुर्वेदिक उपचार में वात संतुलन, नसों को पोषण और मर्म चिकित्सा द्वारा दर्द में राहत दी जाती है। अभ्यंग, स्वेदन और विशेष औषधियाँ रीढ़ की लचीलापन बढ़ाने में सहायक होती हैं।
Enquire22.
घुटना दर्द एवं जॉइंट मोबिलिटी थेरेपी
घुटनों में सूजन, दर्द और चलने में कठिनाई को आयुर्वेद में जोड़ों के वात विकार से जोड़ा जाता है। हर्बल औषधि, जानु बस्ती, तेल मालिश और मर्म बिंदु उत्तेजना से सूजन कम कर गतिशीलता में सुधार किया जाता है।
Enquire23.
मधुमेह (शुगर) सहायक आयुर्वेदिक देखभाल
मधुमेह में आयुर्वेद पाचन अग्नि सुधार, मेटाबॉलिज़्म संतुलन और जीवनशैली सुधार पर जोर देता है। विशेष जड़ी-बूटियाँ, आहार परामर्श और दिनचर्या मार्गदर्शन से शुगर नियंत्रण में सहयोग दिया जाता है (नियमित मेडिकल मॉनिटरिंग आवश्यक)।
Enquire24.
साइनस एवं एलर्जी उपचार
बार-बार सर्दी, सिर भारी रहना, नाक बंद रहना साइनस के लक्षण हो सकते हैं। आयुर्वेदिक नस्य कर्म, भाप चिकित्सा और हर्बल औषधियाँ कफ संतुलन कर श्वसन मार्ग को साफ करने में मदद करती हैं।
Enquire25.
हाई बीपी एवं हृदय स्वास्थ्य समर्थन
तनाव, अनियमित दिनचर्या और दोष असंतुलन उच्च रक्तचाप का कारण बन सकते हैं। आयुर्वेदिक औषधि, ध्यान, प्राणायाम एवं आहार सुधार से हृदय स्वास्थ्य को समर्थन प्रदान किया जाता है।
Enquire26.
थायरॉइड संतुलन कार्यक्रम
थायरॉइड असंतुलन में आयुर्वेद शरीर की चयापचय क्रिया (Metabolism) को संतुलित करने का प्रयास करता है। हर्बल औषधियाँ, पंचकर्म और जीवनशैली सुधार से हार्मोनल संतुलन में सहयोग मिलता है।
Enquire27.
अनिद्रा एवं तनाव प्रबंधन
नींद की कमी और मानसिक तनाव शरीर के कई रोगों का कारण बन सकते हैं। शिरोधारा, मर्म चिकित्सा, औषधीय घृत और ध्यान तकनीकों से मानसिक शांति एवं बेहतर नींद को बढ़ावा दिया जाता है।
Enquire28.
बाल झड़ना एवं स्कैल्प केयर
बालों का झड़ना, डैंड्रफ और समय से पहले सफेदी पित्त व वात असंतुलन से जुड़ी हो सकती है। आयुर्वेदिक तेल, हर्बल औषधि और पोषण परामर्श से बालों की जड़ों को मजबूत करने का प्रयास किया जाता है।
Enquire29.
पोस्ट-स्ट्रोक रिहैबिलिटेशन सपोर्ट
स्ट्रोक के बाद कमजोरी, बोलने में कठिनाई या शरीर के किसी भाग में निष्क्रियता की स्थिति में आयुर्वेदिक औषधि, मर्म चिकित्सा और पुनर्वास आधारित थेरेपी से सुधार का प्रयास किया जाता है।
Enquire30.
हृदय ब्लॉकेज सहायक आयुर्वेदिक देखभाल
हृदय संबंधी समस्याओं में आयुर्वेद रक्त संचार सुधारने, कोलेस्ट्रॉल संतुलित करने और तनाव कम करने पर कार्य करता है। विशेष हर्बल औषधियाँ, आहार परामर्श और जीवनशैली सुधार से हृदय स्वास्थ्य को सहयोग दिया जाता है। नियमित चिकित्सा जाँच के साथ यह समग्र स्वास्थ्य समर्थन कार्यक्रम लाभकारी हो सकता है।
Enquire31.
पथरी (किडनी स्टोन) सहायक उपचार
किडनी या पित्ताशय की पथरी में आयुर्वेद मूत्र प्रणाली को सक्रिय कर प्राकृतिक रूप से छोटे कणों को बाहर निकालने में सहयोग करता है। विशेष जड़ी-बूटियाँ और तरल सेवन मार्गदर्शन इस प्रक्रिया को समर्थन देते हैं।
Enquire32.
बवासीर (पाइल्स) आयुर्वेदिक उपचार
खूनी या बादी बवासीर की समस्या में आयुर्वेदिक औषधियाँ, क्षार आधारित उपचार और आहार सुधार से सूजन, दर्द और रक्तस्राव में राहत प्रदान की जाती है।
Enquire33.
भगंदर (फिस्टुला) सहायक आयुर्वेदिक देखभाल
भगंदर जैसी जटिल समस्या में आयुर्वेदिक क्षार आधारित चिकित्सा पद्धति एवं संक्रमण नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। यह जड़ से सुधार का लक्ष्य रखती है।
Enquire34.
स्पॉन्डिलाइटिस एवं साइटिका उपचार
पीठ से पैर तक जाने वाला तेज दर्द साइटिका का संकेत हो सकता है। आयुर्वेदिक औषधि, कटि बस्ती, स्वेदन और मर्म चिकित्सा से नसों पर दबाव कम कर राहत प्रदान की जाती है।
Enquire35.
हार्मोन संतुलन एवं पीसीओडी सपोर्ट
महिलाओं में हार्मोन असंतुलन, अनियमित मासिक धर्म और पीसीओडी जैसी समस्याओं में आयुर्वेदिक औषधि, पंचकर्म और आहार मार्गदर्शन द्वारा प्राकृतिक संतुलन स्थापित करने का प्रयास किया जाता है।
Enquire36.
डिटॉक्स एवं वेलनेस रीजुवनेशन प्रोग्राम
शरीर में थकान, भारीपन और ऊर्जा की कमी महसूस होने पर विशेष डिटॉक्स प्रोग्राम, पंचकर्म और रसायन चिकित्सा द्वारा शरीर को पुनः ऊर्जावान बनाने का प्रयास किया जाता है।
Enquire37.
साइटिका उपचार
पीठ से पैर तक जाने वाले तेज दर्द, झनझनाहट और सुन्नपन में आयुर्वेदिक औषधि, कटि बस्ती और मर्म चिकित्सा द्वारा नसों पर दबाव कम कर राहत देने का प्रयास किया जाता है।
Enquire38.
कंधा दर्द उपचार
जकड़न, फ्रोजन शोल्डर और मांसपेशी खिंचाव में हर्बल तेल, स्वेदन और मर्म बिंदु उत्तेजना से दर्द व गतिशीलता सुधारने में सहायता।
Enquire39.
मांसपेशी दर्द उपचार
मांसपेशियों की सूजन, खिंचाव और थकान में औषधीय मालिश, भाप चिकित्सा और आयुर्वेदिक औषधि से प्राकृतिक राहत।
Enquire40.
स्पोर्ट्स इंजरी सपोर्ट
खेल चोट, लिगामेंट स्ट्रेन और मांसपेशी चोट में सूजन कम करने और रिकवरी तेज करने हेतु आयुर्वेदिक सपोर्ट थेरेपी।
Enquire41.
लकवा (Paralysis) उपचार
वात संतुलन, नसों को पोषण और मर्म चिकित्सा द्वारा प्रभावित अंगों की कार्यक्षमता सुधारने का प्रयास।
Enquire42.
नसों की कमजोरी उपचार
हाथ-पैरों में झनझनाहट व सुन्नपन में तंत्रिका पोषण हेतु विशेष रसायन औषधि व मर्म थेरेपी।
Enquire43.
कंपन (Tremors) सहायक देखभाल
नसों के असंतुलन से होने वाले कंपन में तंत्रिका पोषण आधारित आयुर्वेदिक सपोर्ट।
Enquire49.
श्वास रोग आयुर्वेदिक देखभाल
श्वसन संबंधी विकारों में प्राकृतिक औषधि और जीवनशैली मार्गदर्शन।
Enquire66.
Chronic Asthma
आयुर्वेदिक औषधि आयुर्वेदिक भस्म ताजा आयुर्वेदिक काढ़ा और मर्म चिकित्सा से उपचार।
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